ज़िले के इस थाने के एक आरक्षक का वसूली अभियान चर्चा में है

बिलासपुर। ज़िले में शहर से लगे एक थाने में जमकर वसूली अभियान चल रहा है। एक एएसआई और एक आरक्षक इस अभियान को अंजाम दे रहे हैं। ओहदे के अनुसार होने वाली हिस्सेदारी का नियम भी ये दोनों नहीं मानते। थाने के बड़े साहब को बताए बिना ही ये दोनों लेन देन कर लेते हैं।
हमारे एक विश्वसनीय सूत्र ने बताया कि कुछ दिन पहले चोरों को छोड़ने के एवज में एक एएसआई और एक चर्चित वसूलीबाज आरक्षक ने गांव के सरपंच से एक लाख चालीस हजार रुपए वसूल लिए। मामले में 9 चोरों को पकड़ा गया था। वसूली की आदत से मजबूर वसूलीबाज आरक्षक ने इस मामले में पैसे कमाने का जुगाड़ खोज निकाला और एक एएसआई को भी अपने साथ रख लिया।गांव के सरपंच से लेन देन की बात शुरू हुई। 9 में से 8 चोरों को छोड़ने और सिर्फ़ एक पर केस बनाने की बात हुई। सौदा एक लाख चालीस हजार में तय हुआ।
हमारे विश्वसनीय सूत्र ने ये भी बताया कि ये पूरी सौदेबाजी थाने के बड़े साहब को बिना बताए ही कर ली गई। सारा सौदा तय हो जाने और झोली भर लेने के बाद बड़े साहब को मात्र 40 हजार में सौदा होने की बात कही गई, एक लाख दोनों वसूलीबाजों ने दबा लिए। लेकिन बड़े साहब भी कोई कच्चे खिलाड़ी नहीं हैं उनके सूत्र ने उन्हें एक चालीस की पूरी कहानी बता दी। बड़े साहब को बड़ा धक्का लगा। एक लाख चालीस हज़ार मिलने की जगह सिर्फ़ चालीस मिले तो किसी को भी धक्का लग सकता है।
ख़ुद के साथ हुई इस लाख टके की धोखेबाजी का पता चलने पर बड़े साहब ने दोनों वसूलीबाजों अपने कैबिन में बुलाकर खूब फटकार लगाई।