महिला कर्मचारियों को डिप्रेशन से बचाने सेक्रो ने किया सेमिनार

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अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के पर महिला कर्मचारियों के व्यक्तित्व विकास पर सेमिनार का और नाट्य प्रस्तुति का आयोजन
अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर बिलासपुर के रेल्वे क्षेत्र में स्थित एनईआई ऑडिटोरियम में महिला कर्मचारियों के व्यक्तित्व विकास के लिए “रुट्स ऑफ पर्सनालिटी” एवं आत्महत्या के कारण एवं रोकथाम विषय पर सेमिनार का आयोजन मंडल कार्मिक व मंडल सेक्रो द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। जिसमें मंडल सेक्रो अध्यक्षा श्रद्धा पाण्डेय मुख्य अतिथि तथा गेस्ट ऑफ आनर एम्स दिल्ली के सीनियर फिजीशियन डॉ योगेश जैन थे। इस अवसर पर मंडल सेक्रो उपाध्यक्षा मीनाक्षी राज, सचिव शिप्रा पटेल, अन्य सदस्याएं एवं संख्या में महिला रेलकर्मियों की उपस्थिति रही।
डॉ योगेश जैन द्वारा पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से कामकाजी महिलाओं को कार्य के दौरान होने वाली विभिन्न समस्याओं से अवगत कराते हुये उसके समाधान के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इस दौरान प्रश्नोत्तरी के माध्यम से महिलाओं द्वारा पूछे गए सवालों का समाधान भी बड़े ही तार्किक ढंग से बताया गया।
“अ नोट टू सुसाइट” नाटक का मंचन
समस्या और समाधान को बेहतर ढंग से समझाने के लिए सेमिनार में एक नाटक का मंचन भी किया गया। अग्रज नाट्य दल के द्वारा द्वारा प्रस्तुत “अ नोट टू सुसाइट” (A note to suicide) नाटक में बताया गया कि हमारे आसपास की महिलाएं जो ऑफिस में या कहीं भी काम करती है या जो महिलाएं घर मे रहकर घर संभालती हैं और परिवार का पूरा ख्याल रखती हैं उनमें से अधिकतर अपनी बात ना कह पाने के कारण ख़ुद को एक्सप्रेस न कर पाने के कारण किस तरह अवसाद में जा रही हैं जिसका घातक परिणाम आत्महत्या के रूप में सामने आ रहा है। नाटक में स्त्री के जीवन की रोज़मर्रा की होने वाली कहानियों को छोटे छोटे टुकड़ों में जोड़कर दिखाया गया और ये भी बताया गया कि ऐसी स्थिति से क्या उपाय करने चाहिए।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सेक्रो की अध्यक्षा श्रद्धा पाण्डेय ने डॉ जैन द्वारा दिए गए मार्गदर्शन व नाट्य दल द्वारा प्रस्तुत नाटक की प्रशंसा की। इस अवसर पर उन्होने कहा कि आजकल महिलायें अपने पैर पर खड़ी होना चाहती हैं, वो खुद कमाएं एवं उन्हें अपनी जरूरतों के लिए किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना ना पड़े, लेकिन हम सभी जानते हैं कि कामकाजी महिला की ज़िंदगी इतनी आसान नहीं होती है। एक वर्किंग वुमन को ऑफिस कार्य के साथ साथ घर और बच्चे संभालने पड़ते हैं। महिलाओं को चाहिए कि वे सशक्त एवं संवेदनशील बनें, प्रक्रति से प्रेम करें, हमेशा खुश रहें, पहले अपना ख्याल रखें फिर परिवार का फिर समाज का। कभी भी नेगेटिविटी से ग्रषित ना हों हमेशा और हर जगह पाजेटिव रहें।